दीपावली की मिठास में मिलावट का खतरा! 💥💥मंदसौर जिले में खाद्य विभाग ने कितने लिए सैंपल, कितनों की आई जांच रिपोर्ट?💥💥💥💥
जन जागृति संगम न्यूज
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मल्हारगढ़ से मंदसौर तक मिठाई, मावा, घी, तेल और नमकीन की शुद्धता पर उठ रहे सवाल; 💥💥💥💥💥💥 कल मल्हारगढ़ में खाद्य विभाग की टीम के द्वारा दो दुकानों का निरीक्षण तीसरे की दुकान पर जाते-जाते ही आने लगे रसूखदारों के फोन अधिकारियों को बंद करना पड़ी अपने कार्यवाही आखिर ऐसा क्यों कब तक होता रहेगा जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़💥।
💥💥💥क्या सिर्फ सैंपल लेकर खानापूर्ति कर रहा विभाग या दोषियों पर भी होगी ठोस कार्रवाई?💥💥💥💥
मंदसौर। दीपावली का त्योहार खुशियों और मिठास का पर्व है। इस अवसर पर गरीब से लेकर अमीर तक प्रत्येक परिवार अपनी सामर्थ्य के अनुसार मिठाइयां, मावा, नमकीन, घी, तेल और अन्य खाद्य सामग्री खरीदकर त्योहार मनाता है। लेकिन त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट की आशंका भी आम जनता की चिंता बढ़ाती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल मंदसौर जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खड़ा हो रहा है कि दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिलेभर में खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने के लिए आखिर कितनी गंभीरता से अभियान चलाया गया?💥💥💥
मंदसौर जिले की सभी तहसीलों मल्हारगढ़, मंदसौर, सीतामऊ, सुवासरा, गरोठ, भानपुरा, शामगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में कितनी मिठाई दुकानों, मावा विक्रेताओं, डेयरियों, नमकीन दुकानों और खाद्य पदार्थ निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया? विभाग द्वारा कुल कितने खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए?💥💥
दलौदा में कार्रवाई हुई, लेकिन बाकी तहसीलों का क्या?
दीपावली के मद्देनजर दलौदा क्षेत्र में खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मिठाई एवं मावा दुकानों पर कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इस दौरान 12 से अधिक दुकानों से नमूने लिए जाने और तीन दुकानों से लगभग 10 लीटर पुराने खाद्य तेल को नष्ट करवाने की जानकारी भी सामने आई।
लेकिन सवाल यह है कि क्या इसी तरह की सघन जांच पूरे जिले में हुई? विशेषकर मल्हारगढ़ क्षेत्र में कितनी दुकानों पर जांच की गई और कितने खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए?
सैंपल तो लिए, अब जांच रिपोर्ट का क्या हुआ?💥💥💥
खाद्य विभाग द्वारा त्योहारों के दौरान मिठाई, मावा, पनीर, घी, दूध, नमकीन और खाद्य तेल के नमूने लिए जाते हैं। लेकिन आम नागरिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन नमूनों की जांच रिपोर्ट कब आएगी और यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित दुकानदार या निर्माता के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?💥💥💥💥💥
क्या जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन अथवा नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी? या फिर सैंपल लेने की कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी?💥💥
प्रशासन से जनता के सीधे सवाल
1. दीपावली 2026 के विशेष अभियान में मंदसौर जिले में कुल कितने खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए?
2. मल्हारगढ़ तहसील में कितनी मिठाई दुकानों, मावा विक्रेताओं और डेयरियों की जांच हुई?
3. मंदसौर जिले की प्रत्येक तहसील में अलग-अलग कितने सैंपल लिए गए?
4. कितने सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए और कितनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है?
5. अब तक कितने सैंपल अमानक, मिलावटी या असुरक्षित पाए गए?
6. मिलावट पाए जाने पर कितने दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए?
7. कितनी दुकानों के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए?
8. कितनी खाद्य सामग्री जब्त की गई और कितनी सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई?
9. क्या विभाग ने मिठाई निर्माण करने वाली फैक्ट्रियों और गोदामों की भी जांच की?
10. क्या दीपावली के बाद भी खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और कार्रवाई जारी रहेगी?💥💥💥
कलेक्टर से जनहित में निगरानी की मांग💥💥💥💥💥
आम जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग है कि मंदसौर जिले में दीपावली के दौरान चलाए गए खाद्य सुरक्षा अभियान की तहसीलवार समीक्षा कराई जाए।💥💥
खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों, उनकी प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम नागरिकों को भी पता चल सके कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री कितनी सुरक्षित है।💥💥💥💥💥💥
त्योहार की मिठास में किसी परिवार की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। सवाल सिर्फ सैंपल लेने का नहीं, बल्कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई करने का है। 💥💥अब देखना यह है कि खाद्य विभाग और जिला प्रशासन इन सवालों पर कितना गंभीर रुख अपनाते हैं। या राजनीतिक दबाव में लीपा पोती करने का काम करते हैं💥💥💥 जनहित में जारी ज्ञानेश प्रजापति



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