*ट्रैक्टर-ट्रॉली में बिना संकेतक के सरिया परिवहन से दुर्घटनाओं का खतरा,आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर ने मामले को गंभीरता से लिया, यातायात आरआई को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश*
जन जागृति संगम न्यूज़ एमपी ब्यूरो चीफ जगदीश राठौर 9425490641
रतलाम - भवन निर्माण सामग्री का व्यवसाय करने वाले कुछ व्यापारियों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों से लोहे के सरिए, एंगल और अन्य निर्माण सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। इस दौरान कई बार वाहन में लदे सरिए पीछे की ओर काफी दूर तक निकले रहते हैं, लेकिन उनके पीछे लाल कपड़ा अथवा कोई अन्य चेतावनी संकेत नहीं लगाया जाता। इससे सड़क पर चलने वाले दोपहिया वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
मकान, दुकान, गोदाम एवं अन्य भवनों के निर्माण में लोहे के सरिए, एंगल और सीमेंट जैसी सामग्री की आवश्यकता होती है। व्यापारी ग्राहकों की मांग पर निर्माण सामग्री को संबंधित स्थल तक पहुंचाने के लिए वाहनों का उपयोग करते हैं। लेकिन परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों और सावधानियों की अनदेखी होने पर यह लापरवाही अन्य वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण भी बन सकती है!
विशेषकर जब किसी वाहन में बड़ी मात्रा में सरिए लदे हों और उनके पिछले हिस्से पर लाल कपड़ा या अन्य चेतावनी संकेत नहीं लगा हो तो पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। अचानक ब्रेक लगने, वाहन के रुकने या यातायात के दबाव की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। रात के समय पर्याप्त दृश्यता और संकेतकों का अभाव इस खतरे को और बढ़ा सकता है।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण सामग्री का कारोबार करने वाले व्यापारियों को अपने वाहन चालकों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना चाहिए। यदि ग्राहक स्वयं का वाहन लेकर सामग्री लेने पहुंचता है, तो उसमें भी सुरक्षित परिवहन के सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
वाहन में लदे सरिए और एंगल को सुरक्षित तरीके से बांधना, उनके पीछे उपयुक्त चेतावनी संकेत लगाना तथा आवश्यकतानुसार लाल कपड़े और रिफ्लेक्टिव रेडियम का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है। इससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को दूरी से ही सतर्क होने में मदद मिल सकती है। व्यापारियों को चाहिए कि वे ग्राहकों को सामग्री सौंपने से पहले सुरक्षित परिवहन संबंधी सावधानियों की जानकारी दें और आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान दें।इस मामले को रतलाम जिले की आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर के संज्ञान में लाया गया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने अधीनस्थ यातायात आरआई को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
एसडीओपी सुश्री पल्लवी गौर ने कहा कि पुलिस प्रशासन का सदैव प्रयास रहता है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जाए और आमजन को सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो। यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना तथा लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना आवश्यक है।
इसी दौरान आगामी सिंहस्थ पर्व-2028 को देखते हुए ताल-आलोट मार्ग के चौड़ीकरण की आवश्यकता को लेकर पूर्व में प्रकाशित समाचार का भी उल्लेख किया गया।इस मार्ग पर यातायात सुचारू बनाए रखने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, सरिए एवं अन्य निर्माण सामग्री का असुरक्षित परिवहन सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले को संज्ञान में लिए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित वाहनों की जांच, व्यापारियों को जागरूक करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए धरातल पर कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

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